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अनोखी शादियां: बॉर्डर पर ही दूल्‍हों काे रोका, दुल्हनों ने सीमा पर पहुंचकर पहनाई वरमाला


अनोखी शादियां: बॉर्डर पर ही दूल्‍हों काे रोका, दुल्हनों ने सीमा पर पहुंचकर पहनाई वरमाला
पठानकोट,:  कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन और कर्फ्यू का शादियों पर भी असर पड़ रहा है और इस कारण शादियों का नजारा भी बदल गया है। लेकिन, यहां पंजाब-जम्‍मू बॉर्डर (लखनपुर बॉर्डर) पर पांच जोडि़यों की अनोखी शादियां हुईं। शादी करने जम्‍मूू क्षेत्र में जा रहे दूल्‍हों काे बॉर्डर पर ही रोक दिया गया। इसके बाद उनकी दुल्‍हनें पहुंचीं और बॉर्डर पर ही कर्मचारियों के लिए लगाए गए तंबूू  में उनकी शादी की रस्‍म पूरी होगी। दूल्‍हे-दुल्‍हनों ने एक-दूसरे को वरमालाएं पहनाईं।

दरअसल, कोरोना वायरस ने लोगों की खुशियों को भी फीका कर दिया है। शादियों से बैंड बाजा, बरात, रिश्तेदार सभी गायब हैं। यहां तक कि पूरा परिवार भी शामिल नहीं हो पा रहा है। सात फेरों में दूल्हा-दुल्हन जीवनभर साथ निभाने के सात वचन लेते हैं लेकिन कोरोना काल में प्रशासन कोरोना से बचाव के लिए बताए नियमों का पालन करने का वचन ले रहा है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा लखनपुर बार्डर पर अनूठे तरीके से पांच शादियां हुईं।
जम्मू-कश्मीर में जाने की पाबंदी के कारण पुलिस ने रोके पांच दूल्हे
पंजाब से जम्मू जाने के लिए निकले पांच दूल्हों को जम्मू पुलिस ने लखनपुर में रोक लिया गया। इसके बाद दुल्हनों ने परिवार के साथ बार्डर पर पहुंचकर पुलिस मुलाजिमों के लिए सड़क किनारे लगाए टेंट में वरमाला पहनाई। बार्डर से ही सुसराल के लिए दुल्हनों की विदाई हुई। पठानकोट के राहुल, अमृतसर के रिशु, ब्यास के लाभ सिंह, होशियारपुर के दसूहा के रोहित और फगवाड़ा के युवक को रिश्ता जम्मू-कश्मीर में हुआ था।

पुलिस मुलाजिमों के लिए लगाए टेंट में वरमाला पहनाकर हुई पांच शादियां
सभी परिवारों ने अपने-अपने जिला प्रशासन ने बाकायदा शादी की अनुमति प्राप्त की थी। दूल्हों और उनके परिजनों की गाडिय़ां माधोपुर से आगे निकलकर जम्मू-कश्मीर के बॉर्डर लखनपुर में पहुंचे तो उन्हें रोक लिया गया। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन का हवाला देकर उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस व प्रशासन ने प्रवेश से रोक दिया गया।

इस पर पुलिस और प्रशासन ने उन्हें सुझाव दिया कि दुल्हनों के परिवारों से संपर्क कर उन्हें यहीं बुला लिया जाए। इस बीच कुछ परिवारों ने इस पर आपत्ति जताई लेकिन बाद में घर जाकर रस्में पूरी करने की बात पर सहमत हो गए। दूल्हों और उनके परिवार बार्डर पर पुलिस मुलाजिमों के लिए सड़क किनारे लगाए टेंटों में ठहराया गया। जैसे-जैसे दुल्हनों के परिवार बार्डर पर पहुंचते रहे टेंट में ही वरमाला पहनाकर शादी की रस्में निभाई गईं। बार्डर पर शादी करने वाले जोड़ों को पुलिस मुलाजिमों ने भी नई जिंदगी की शुरुआत के लिए आशीर्वाद दिया।
'लॉकडाउन का पालन जरूरी'
जम्मू के शिवनगर के रहने वाले जनक राज ने बताया कि उनकी बेटी ज्योति की शादी दसूहा के रोहित से तय हुई थी। उन्हें फोन पर बताया गया कि बार्डर पर दूल्हे को रोक दिया गया है। इसके बाद वह बेटी को परिवार को लेकर लखनपुर पहुंचे। सादे तरीके से तय मुहूर्त पर शादी हो गई। सुरक्षा के लिए अगर अपनी खुशियों को त्यागना पड़े तो उससे पीछे नहीं हटना चाहिए। खुशियां मनाने के आगे भी अवसर मिलते रहेंगे।

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