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महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 20 हजार के पार, 1165 नए केस मिले

118 new corona patients found in up 60 dead so far
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मरीजों की संख्या शनिवार को 20 हजार पार गई। नए आंकड़ों के मुताबिक 1165 नए केस सामने आने के साथ महाराष्ट्र में कोविड-19 मरीजों की संख्या 20228 पहुंच गई है। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपस्थित आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक 3470 लोग या तो ठीक हो चुके हैं या फिर अस्पताल से उनको छुट्टी मिल गई है। जबकि राज्य में कोरोना वायरस से अभी तक 779 लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि कोरोना वायरस के मामलों की तुलना में महाराष्ट्र पहले नंबर पर है और बाकी राज्यों की तुलना में यहां केस भी ज्यादा मिले हैं और मौत भी ज्यादा हुई है।
महाराष्ट्र के 20 हजार के केस में से 10 हजार मामले पिछले 9 दिनों में मिले हैं। 30 अप्रैल को राज्य में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 10 हजार के पार हुई थी। इसके बाद मात्र 9 दिन में 10 हजार नए मामले सामने आ गए हैं। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का पहला मामला 9 मार्च को आया था। 
शुरू के एक से दस हजार मरीज होने में 53 दिन लगे जबकि 10 से 20 हजार मरीज होने में मात्र 9 दिन लगे हैं। 5 मई को राज्य में कोरोना मामले की संख्या 15 हजार को पार गया था। शनिवार को महाराष्ट्र में कोरोना से 48 लोगों की मौत हुई। इसमें 27 मुंबई, 9 पुणे, 8 मालेगांव में, पुणे ग्रामीण, नांदेड़, अकोला और अमरावती में एक-एक लोगों की जान गई है।
कोरोना वायरस से संक्रमित 60 वर्षीय एक व्यक्ति ने अंधेरी उपनगर के एक अस्पताल में शनिवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार की दोपहर को अस्पताल की नौवीं मंजिल पर स्टील की छड़ से अपने पायजामे के सहारे लटक कर मरीज ने आत्महत्या कर ली। अधिकारी ने कहा कि आशंका जताई जा रही है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद मरीज अवसाद ग्रस्त हो गया होगा। 
बृहन्मुंबई नगर निगम ने शहर के सात संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों के और प्रभावी कार्यान्वयन की जिम्मेदारी अतिरिक्त आयुक्तों को सौंप दी है। आदेश के अनुसार सात अतिरिक्त आयुक्त 17 मई तक संक्रमित मामलों के दुगुने होने का काल दस दिन से बढ़ा कर बीस दिनों करने के लिए काम करेंगे।
सात मई को जारी हुए आदेश के अनुसार ये अधिकारी संक्रमण के मामलों का पता करने, संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान करने, संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में दिशानिर्देशों को कड़ाई से लागू करने, घर-घर जाकर निगरानी करने, गंभीर बीमारी से ग्रसित बुजुर्गों की पहचान करने और बुखार क्लीनिकों के सभी मामलों पर संज्ञान लेने के लिए जिम्मेदार होंगे।

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