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15 जून तक मत्स्यगंधा झील का जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने पर संशय

15 जून तक मत्स्यगंधा झील का जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने पर संशय
मत्स्यगंधा झील का जीर्णोद्धार कार्य 15 जून तक पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही है। संवेदक ने खुदाई में पानी निकलने व दलदली जमीन के कारण समय पर काम पूरा होने की बात से इंकार किया है। हालांकि जल संसाधन विभाग का कहना है कि 15 जून तक हर हाल में पूरा किया जाएगा।

जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत लघु जल संसाधन विभाग द्वारा डेढ़ किलोमीटर लंबी और दो सौ मीटर चौड़ी मत्स्यगंधा झील की खुदाई के लिए सात करोड़ 47 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। संवेदक मां मातेश्वरी कंस्ट्रक्शन कंपनी को 15 जून तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उधर, कंपनी ने खुदाई के दौरान दलदली जमीन और पानी मिलने के कारण काम पूरा करने में असमर्थतता जताई है।

कंपनी के साइट इंजीनियर सोनू पांडेय का कहना है कि खुदाई के दौरान पानी निकलने से परेशानी बढ़ गई है। पानी निकलने के कारण पहले पानी को शिफ्ट करना पड़ता है उसके बाद फिर से खुदाई करनी पड़ रही है। इस कारण काफी समय लग रहा है। छह पोकलेन व दो जेसीबी से दिन-रात काम चल रहा है। छह और पोकलेन मंगाया जा रहा है। इसके बाद काम और तेजी आएगी। कंपनी के मुताबिक अभी तक उन्हें एक भी रुपये विभाग द्वारा नहीं दिया गया है। इस कारण भी परेशानी बढ़ी है। इसके अलावा कंपनी के टेंडर में जिस बात का उल्लेख था उससे काफी अधिक काम है।

मिट्टी शिफ्टिंग भी बगल में करना था अब दूर भेजा जा रहा है। वहीं लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता शशिभूषण चौधरी ने कहा कि टेंडर के मुताबिक काम लिया जा रहा है। 15 जून तक काम पूरा होने की संभावना है। पानी की शिफ्टिंग की समस्या जरूर आ रही है लेकिन इसे दूर करते समय पर काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टेंडर से पहले संवेदक साइट देखते हैं उन्होंने सबकुछ देखकर ही टेंडर दिया होगा। भुगतान पर अधीक्षण अभियंता ने कहा कि अभी तक हुए काम की मापी की जा रही है। उसके बाद भुगतान भी होगा।

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