पटना, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए सरकार जरूरी कदम उठा रही है। अब दूसरे राज्यों से 22 मार्च के बाद बिहार लौटे लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए जिला मुख्यालय से टीम भेजी जाएगी। खासकर स्पेशल ट्रेन से बिहार पहुंचे लोगों का फिर से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना है। इनमें से अधिकतर लोग अभी प्रखंड प्रशासन की देखरेख में स्कूलों में क्वारंटाइन करके रखे गए हैं।
स्वस्थ हुए लोगों की फिर से कराई जाएगी जांच
प्रखंड विकास पदाधिकारियों के प्रतिवेदन के अनुसार उनमें से अधिकतर लोग स्वस्थ हैं। इसके बावजूद उनकी फिर से जांच कराई जानी है। मेडिकल टीम की जांच के अतिरिक्त परदेसियों को खुद लिखित रूप में डिक्लेरेशन देना होगा कि उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार या अन्य किसी तरह के असामान्य लक्षण महसूस नहीं हो रहे हैं।
नए सिरे से सर्वे कर अद्यतन सूची जारी करने का निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों और शहर के आइसोलेशन वार्डों में रखे गए लोगों को छोड़कर होम क्वारंटाइन करने वालों की संख्या सात हजार को पार कर गई थी। साढ़े चार हजार घरों पर क्वारंटाइन के पोस्टर चिपकाए गए। इनमें से कई की क्वारंटाइन अवधि 14 दिन पूरी हो गई है। बीडीओ को अब नए सिरे से सर्वे कर अद्यतन सूची जारी करने का निर्देश दिया गया है।
गांव-गांव जाकर कराया जाएगा स्वास्थ्य परीक्षण

इस संबंध में उप विकास आयुक्त रिची पांडेय ने बताया कि गांव-गांव जाकर जिला स्तर की टीम द्वारा बाहर से आने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। खासकर महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक व दिल्ली से जो प्रवासी 22 मार्च के बाद आए हैं, उनकी स्वास्थ्य जांच पहले कराई जाएगी। इसके लिए सभी बीडीओ को निर्देशित किया गया है कि प्रवासियों की अद्यतन सूची व स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट शीघ्र भेजें। रिपोर्ट के आधार पर रविवार से ही जांच टीम अपना काम शुरू कर दिया है।