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बिहार सरकार ने कहा- कोटा से बच्चों को वापस लाना फिलहाल संभव नहीं

SendUsBackHome: No Response From Govt, Kota Students Begin Twitter ...
हाइलाइट्स

  • बिहार के मुख्य सचिव ने कहा- कोटा से बच्चों को बिहार वापस लाना फिलहाल संभव नही
  • लॉकडाउन में बीजेपी विधायक के कोटा से बेटी को लाने के मामले ने पकड़ा तूल
  • किस परिस्थिति में बीजेपी विधायक की कार को दिया गया पास, हो रही जांच: मुख्य सचिव
  • बीजेपी विधायक अनिल सिंह की सफाई, सभी नियमों का किया पालन

पटना
कोरोना वायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन घोषित किया गया है। ऐसे में राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को निकालने के मुद्दे पर बिहार में हंगामा बढ़ता जा रहा है। विपक्षी पार्टी खास कर आरजेडी की ओर से लगातार छात्रों को वापस लाने की मांग की जा रही है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि लॉकडाउन के मद्देनजर कोटा में फंसे बच्चों को बिहार वापस लाना फिलहाल संभव नहीं है। बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने ये जानकारी दी है। उन्होंने बिहार के बीजेपी विधायक के कोटा (राजस्थान) से अपनी बेटी को लाने के मुद्दे पर भी सरकार का पक्ष रखा है।
मुख्य सचिव ने कहा- बच्चों का लाना संभव नहीं
बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा है कि लॉकडाउन के मद्देनजर कोटा में फंसे बच्चों को वापस लाना फिलहाल संभव नहीं है। उन्होंने बीजेपी विधायक के कोटा जाकर अपनी बेटी को लाने के मुद्दे पर कहा कि इस मामले की जांच हो रही है। किन हालात में बीजेपी विधायक की कार को पास दिया गया इसकी जांच हो रही है। संबंधित अधिकारियों से इस मामले में जवाब मांगा जाएगा। हालांकि, पूरे मामले में बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि सभी नियमों का पालन करके वो अपने बच्चे को लाए हैं।

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'किन हालात में बीजेपी विधायक को दिया गया पास, हो रही जांच'
नवादा जिले के हिसुआ से बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने कहा कि उन्होंने कानून का उल्लंघन नहीं किया है। अनिल सिंह ने बताया कि उनके बेटे और बेटी कोटा में प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। लॉकडाउन की वजह से कोटा के कोचिंग संस्थान बंद हो गए। वहां के मेस बंद होने की वजह से बच्चे परेशान थे। कोटा में बच्चों के परेशान होने की वजह से उन्होंने नवादा के डीएम से अन्तर राज्यीय पास के लिए आवेदन दिया था। पास मिलने के बाद उसे अपने वाहन पर लगाकर सड़क मार्ग से कोटा गए और बच्चों को वापस लेकर पटना पहुंचे।


संबधित अधिकारियों से मांगा जाएगा जवाब: मुख्य सचिव
वहीं बीजेपी विधायक के मुद्दे पर बिहार में सियासी पारा भी चढ़ गया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि खास लोगों के प्रति समर्पित बिहार सरकार अगर कोटा में फंसे आम विद्यार्थियों को लाने में अक्षम, अशक्त और असमर्थ है तो हमें विशेष अनुमति प्रदान करें। हम कोटा में फंसे करीब 6500 छात्रों को बिहार लेकर आएंगे। संकट की इस घड़ी में बिहार के भविष्य उन निर्दोष नादान बच्चों को हम ऐसे नहीं छोड़ सकते।

बीजेपी विधायक के मामले में विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा
इससे पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) को कह रहे थे कि उन्हें कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए बसों को अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। दूसरी तरफ अपने विधायक को गोपनीय तरीके से अपनी बेटी को वापस लाने की अनुमति दे रहे थे। बिहार में ऐसे अनेकों वीआईपी और अधिकारियों को पास जारी किए गए, फंसे बेचारा गरीब...।

तेजस्वी बोले- कोटा से बच्चों को लाने की हमें अनुमति दे सरकार
चुनाव रणनीतिकार और जेडीयू से निष्कासित किए गए प्रशांत किशोर ने भी एक ट्वीट में इस मामले को लेकर ट्वीट में कहा कि कोटा में फंसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को नीतीश कुमार ने यह कह कर खारिज कर दिया था कि ऐसा करना लॉकडाउन की मर्यादा के खिलाफ होगा। अब उन्हीं की सरकार ने बीजेपी के एक विधायक को कोटा से अपनी बेटी को लाने के लिए विशेष अनुमति दी है। नीतीश जी अब आपकी मर्यादा क्या कहती है?

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