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कानपुर: फफक-फफक कर रो पड़ा CAA के खिलाफ प्रदर्शन में मारे गए युवक का पिता, कहा- पुलिस ने मारी गोली, जिंदगी बर्बाद हो गई

कानपुर: फफक-फफक कर रो पड़ा CAA के खिलाफ प्रदर्शन में मारे गए युवक का पिता
नई दिल्ली: 
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस फ़ायरिंग का एक और वीडियो सामने आया है. अब कानपुर में पुलिस फ़ायरिंग का वीडियो सामने आया है. वीडियो में दो पुलिसवाले फ़ायरिंग करते दिख रहे हैं. कानपुर हिंसा में तीन लोगों की हुई थी मौत. हिंसक प्रदर्शन में मारे गए एक बच्चे के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उनके बेटे को गोली मारी है. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने उन्हें उनके बेटे से मिलने नहीं दिया. 
मीडिया से बाते करते हुए मृतक के पिता ने कहा, 'जिंदगी बर्बाद हो गई. अब हम क्या करेंगे? भीख मांगेंगे? हमसे मिलने कोई नहीं आया. हमें डॉक्टरों ने धोखा दिया. मेरे बच्चे की कोई सुनवाई नहीं हुई. हमें मेरे बच्चे से मिलने तक नहीं दिया. हम लोग मजदूरी करते थे. हमारा बच्चा भी मजदूरी करता था. जिस दिन भगदड़ मची तो हमारा बच्चा भी डर कर भागा. बस जैसे ही सड़क पार करने लगा तो उसे मार गिराया. पुलिस ने सीधे-सीधे गोली चलाई. हमारे बेटे ने हमें यह बात बताई कि पेट में गोली मारी. आते आते दम निकल गया. ' 
वहीं, यूपी पुलिस ने भी कानपुर हिंसा का सीसीटीवी फ़ुटेज जारी किया है. वीडियो में बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी पत्थरबाज़ी करते दिख रहे हैं. यूपी के मुज़फ़्फ़रनगर में भी शुक्रवार को हुए हिंसक प्रदर्शन का वीडियो वायरल हुआ है. वीडियो में घरों में पुलिस तोड़-फोड़ करती दिख रही है. करतूत कैमरों में क़ैद न हो इसलिए सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े. कुछ परिवारों का पिटाई का भी आरोप.
कानपुर से पुलिस फ़ायरिंग का जो वीडियो सामने आया है, यह वीडियो शुक्रवार 20 दिसंबर दोपहर 3 बजे का है. बता दें कि नागरिकता क़ानून (Citizenship Amendment Act) के ख़िलाफ़ कानपुर में हुई हिंसा में 20 दिसंबर को 3 लोग मारे गए थे. वहीं यूपी पुलिस का कहना है कि सिर्फ़ रबर बुलेट और पैलेट गन से फ़ायरिंग हुई. हालांकि वीडियों में पुलिसकर्मी फ़ायरिंग करते दिख रहे हैं. इससे पहले भी कानपुर का ही एक ऐसा वीडियो सामने आया था जिसमें यूपी पुलिस फ़ायरिंग करती दिख रही थी. आपको बता दें कि फायरिंग का वीडियो कानपुर यतीमखाना चौराहे का था. उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा में ज़्यादातर मौतें बुलेट इंजरी से हुई हैं. कानपुर में हुई हिंसा के पहले डीजीपी ओपी सिंह का दावा था कि पुलिस ने फायरिंग नहीं की है और आईडी लॉ ऑर्डर प्रवीण कुमार ने भी यह कहा था कि जो भी गोलियां चली हैं. वह प्रदर्शनकारियों की ओर से चली हैं.
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CAA के खिलाफ यूपी में 21 दिसंबर को हिंसा हुई थी. इसके अलावा कानपुर-रामपुर में भीड़ ने आगजनी की और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई थी. उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि हिंसा की वारदात में 260 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिनमें से 57 को गोलियां लगी हैं.

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