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कश्मीर: उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान की भारी गोलाबारी, जूनियर कमीशन ऑफिसर शहीद, एक महिला की मौत

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एलओसी - फोटो : फाइल, Artistry life TV
उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले बारामुला के उड़ी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को भारी गोलाबारी की। अग्रिम चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। इसमें एक जेसीओ शहीद हो गए, जबकि एक स्थानीय महिला की मौत हो गई है। सेना ने भी करारा जवाब दिया है। इसमें पाकिस्तान की दो से तीन चौकियों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। 
पाकिस्तानी सेना द्वारा बुधवार सुबह से उड़ी सेक्टर के सिलिकूट, हथलंगा, मोथल, सोवरा, बालकोट, चुरंडा और आस-पास के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की गई। पाकिस्तान ने सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे इन इलाकों को छोटे और बड़े हथियारों से निशाना बनाना शुरू किया। इस दौरान 18 मराठा लाई का जेसीओ बृजेश कराटे शहीद हो गया। हालांकि, सेना की ओर से नाम की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। चुरंडा गांव में गोले लगने से नसीमा (23) नामक महिला की मौत हो गई। 

पाकिस्तान की भारी गोलाबारी को देखते हुए रिहायशी इलाके में फंसे लोगों को प्रशासन तथा सेना ने निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। गोलाबारी के बीच ही सेना तथा पुलिस के कैस्पर वाहनों से लोगों को गांव से निकाला गया। प्रशासन का कहना है कि पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए वाहन तथा एंबुलेंस तैयार रखे गए हैं। गोलाबारी से इन इलाकों के लोगों में काफ ी दहशत का माहौल पैदा हुआ है। लोग रात में अंधेरे में घरों में ही दुबके हुए हैं। 

उधर, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में भी पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की गई। हालांकि, इसमें किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। बीएसएफ ने भी जवाब दिया है।  

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद सरहद पर लगातार अशांति रही है। पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए जमकर सीजफायर तोड़ा है। यही नहीं, मौजूदा वर्ष में पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुणा अधिक सीजफायर तोड़ा गया है। पाकिस्तान ने लगातार सरहद पर अशांति फैलाई और जवानों के साथ सरहद पर रहने वाले लोगों को भी परेशान किया। 

5 अगस्त 2019 के बाद से अब तक पाकिस्तान ने एलओसी पर 950 बार सीजफायर तोड़ा है। जबकि 2019 में अब तक 2400 बार सीजफायर तोड़ा है। पिछले साल 1800 बार सीजफायर तोड़ा गया था। लगातार सीजफायर टूटने से सरहद पर रहने वाले लोगों को जीना मुहाल हो चुका है। पाकिस्तान की ओर से हर रोज रिहायशी इलाकों को टारगेट करके गोलाबारी की जा रही है।

पुंछ और कुपवाड़ा में सबसे ज्यादा तनाव

पाकिस्तान सबसे ज्यादा पुंछ जिले की एलओसी पर सीजफायर तोड़ रहा है। पुंछ के शाहपुर और कुपवाड़ा के किरणी सेक्टर में लगातार गोलाबारी की जा रही है। अकेले पुंछ में ही इस साल 1800 से अधिक बार सीजफायर तोड़ा गया है। 

लगातार सीजफायर टूटने से सरहद पर तनाव का माहौल है। दोनों देशों के बीच पुंछ जिले में युद्ध जैसा माहौल बना हुआ है। हालांकि भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तान को इस साल भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बावजूद इसके वह अपनी हरकतों से बात नहीं आ रहा। 
 

सेना अध्यक्ष भी मान चुके

सरहद पर मौजूदा हालातों को लेकर सेना अध्यक्ष जनरल विपिन रावत भी कह चुके हैं कि सरहद पर माहौल खराब है। कभी भी, कुछ भी हो सकता है और भारतीय सेना ऐसी किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। 
 

पूरी तरह से बंकर भी नहीं बने

एलओसी के राजोरी, पुंछ, कुपवाड़ा, बारामुला और बांदीपोरा जिलों में पूरी तरह से बंकरों का निर्माण भी नहीं हुआ है। इसकी वजह से पाकिस्तान जानबूझ कर रिहायशी इलाकों को टारगेट कर रहा है। जिससे स्थानीय लोग परेशान हो रहे हैं।

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