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उद्धव के बारे में फेसबुक पर टिप्पणी करने वाले का शिवसैनिकों ने मुंडन कराया, पांच के खिलाफ एफआईआर

उद्धव पर टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की शिवसैनिकों ने पिटाई की और सिर मुंडवाया
उद्धव पर टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की शिवसैनिकों ने पिटाई की और सिर मुंडवाया - फोटो : ANI
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना मुंबई के वडाला के एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। उसकी शिवसैनिकों ने कथित रूप से पिटाई की और मुंडन कराया। यह जानकारी सोमवार को पुलिस ने दी। कुछ दिनों पहले उद्धव ठाकरे ने जामिया मिलिया इस्लामिया में 15 दिसंबर की पुलिस कार्रवाई की तुलना जालियांवाला बाग से की थी। उन्होंने उनकी इसी बयान को लेकर टिप्पणी की थी। मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एक अधिकारी ने इस व्यक्ति की पहचान 30 साल के हीरामणि तिवारी के रूप में की और कहा कि यह पोस्ट 19 दिसंबर को फेसबुक पर अपलोड किया गया था, जिसे वह ‘राहुल तिवारी’ के नाम से चलाता है। इस पोस्ट में संशोधित नागरिकता कानून का विरोध करने वाले जामिया मिलिया इस्लामिया के विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई की तुलना 1919 के जलियांवाला बाग कांड से करने पर ठाकरे के बारे में गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया था।

अधिकारी के अनुसार तिवारी ने कुछ लोगों से धमकी मिलने के बाद यह पोस्ट हटा दिया था लेकिन रविवार को शिवसेना के नेता समधन जुकदेव और प्रकाश हसबे के नेतृत्व में कुछ लोगों ने शांतिनगर में उसके घर के बाहर उससे मारपीट की और उसका मुंडन करा दिया। अधिकारी के मुताबिक वडाला टीटी पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 149 के तहत दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया है।

सीआरपीसी की धारा 149 का इस्तेमाल पुलिस किसी भी संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए करती है। तिवारी ने दावा किया कि वह पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़ा था और उसे पीटने वाले लोगों को कानून अपने हाथ में लेने के बजाय उसके पोस्ट पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी।

तिवारी ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि पुलिस शिवसेना के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करे। मैं बस अपना विचार प्रकट कर रहा था।' उन्होंने कहा कि तिवारी का बयान दर्ज किया जा रहा है। ठाकरे ने 17 दिसंबर को कहा था, 'जिस तरह पुलिस ने जामिया मिलिया इस्लामिया के परिसर में जबरन घुसकर विद्यार्थियों पर गोलियां चलाईं, वह जलियांवाला बाग नरसंहार के जैसा जान पड़ता है।'

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