Breaking News

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने इस अंदाज में की एनसीपी प्रमुख की तारीफ, कहा- शरद पवार से सीखा कि...

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने इस अंदाज में की एनसीपी प्रमुख की तारीफ, कहा- शरद पवार से सीखा कि...
उद्धव ठाकरे ने शरद पवार की तारीफ की है.

खास बातें

  1. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एनसीपी प्रमुख की तारीफ की
  2. पवार ने सिखाया कि कम सीटों से सरकार कैसे बनाते हैं- ठाकरे
  3. इस मौके पर ठाकरे ने फडणवीस को आड़े हाथ भी लिया
मुंबई: 
महाराष्ट्र  (Maharashtra) में एनसीपी और कांग्रेस की मदद से सरकार बनाने में सफल होने वाली शिवसेना बीते कुछ समय से एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) की तारीफ करते नहीं थक रही है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने एक बार फिर एनसीपी प्रमुख शरद पवार की तारीफ की है. उन्होंने मुंबई के वसंतदादा सुगर इंस्टीट्यूट में अपने संबोधन के दौरान भी किया. उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के मुख्य योजनाकार शरद पवार के बारे में कहा, "हम यहां बात कर रहें हैं कि थोड़ी सी जमीन पर ज्यादा फसल कैसे उगाई जा सकती है लेकिन शरद पवार ने न सिर्फ हमें फसल की पैदावार को बढ़ाना सिखाया बल्कि ये भी सिखाया है कि कम सीटों से भी सरकार कैसे बनाते हैं." खास बात यह है कि इस दौरान शरद पवार मंच पर मौजूद थे.

अपने भाषण के दौरान शिवसेना प्रमुख ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के उस बयान को लेकर उन्हें आड़े हाथ भी लिया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में पूर्ण कृषि ऋण माफी का बुधवार को भरोसा दिलाया. ठाकरे का यह बयान शिवसेना नीत गठबंधन सरकार द्वारा कृषि ऋण माफी को औपचारिक रूप से मंजूर किए जाने के एक दिन बाद आया है. इसके तहत एक अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2019 तक किसानों द्वारा लिए गए दो लाख रुपये तक के लघु अवधि के कृषि ऋण बट्टे खाते में डाल दिए जाएंगे.
टिप्पणियां

इस योजना के तहत नये सिरे से तय की गई पुनर्भुगतान की किश्त (लघु अवधि कृषि ऋण) के 30 सितंबर 2019 तक के बकाये को माफ किया जाएगा. ठाकरे ने कहा, ‘‘हमने कृषकों को फौरी राहत के तौर पर दो लाख रुपये (प्रति किसान) ऋण माफी की है. लेकिन हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनका समूचा (फसल का) ऋण माफ हो.'


बता दें कि भाजपा और शिवसेना ने  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव साथ मिल कर लड़ा था लेकिन शिवसेना के कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिलाने पर भगवा दलों का गठबंधन टूट गया. इसके बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने नवंबर के अंत में सरकार बनाई. 

No comments