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शिवसेना विधायकों का नया ठिकाना 'होटल द ललित'

NBT
हाइलाइट्स
  • शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपने सभी विधायकों को मुंबई बुला लिया है
  • इन विधायकों को अंधेरी पूर्व स्थित पांच सितारा 'होटल द ललित' में ठहराया गया है
  • उद्धव ने विधायकों से कहा कि दबले राजनीतिक घटनाक्रमों में सभी का एक साथ रहना जरूरी
मुंबईसरकार गठन में किसी तरह की बाधा न आए और विधायकों के टूटने की संभावना को पूरी तरह से खत्म करने के लिए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपने सभी विधायकों को मुंबई बुला लिया है। इन विधायकों को अंधेरी पूर्व स्थित पांच सितारा 'होटल द ललित' में ठहराया गया है। सभी विधायक पांच दिनों की तैयारी के साथ मुंबई आए हैं। शुक्रवार को उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में शिवसेना के सभी 56 विधायकों के साथ बैठक की।

उसके बाद इन विधायकों को होटल द ललित में ठहराया गया है। पार्टी के अगले आदेश तक विधायक इसी होटल में रहेंगे। उद्धव ने विधायकों से कहा कि राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए आप सभी का एक साथ, एक जगह रहना जरूरी है। जल्दी ही राज्य में नई सरकार का गठन होगा। उन्होंने विधायकों को विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा।



पहले इन विधायकों को गोवा या जयपुर भेजे जाने की तैयारी थी, लेकिन जल्दी ही सरकार गठन की संभावना को देखते हुए इन्हें मुंबई में ही रुकने को कहा गया है। शिवसेना के एक नेता ने बताया कि विधायकों को अनिवार्य रूप से आधार कार्ड लाने को कहा गया था, क्योंकि इसकी कभी भी जरूरत पड़ सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले भी शिवसेना ने अपने विधायकों को टूट से बचाने के लिए मालाड के होटल में ठहराया था।

बाला साहेब का सपना होगा पूराउद्धव ने एक बार फिर दोहराया कि बालासाहेब को दिया गया वादा पूरा होगा। महाराष्ट्र में शिवसैनिक को मुख्यमंत्री बनाने का सपना जल्द पूरा होगा। उन्होंने विधायकों से कहा कि बालासाहेब ने महाराष्ट्र को नंबर वन बनाने, किसानों को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का सपना देखा था। अब सत्ता स्थापना के बाद सभी विधायकों की जिम्मेदारी होगी कि वे इसे पूरा करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में काम करें।

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गठबंधन टूटने का ठीकरा भाजपा पर फोड़ाविधायकों को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि आज की जो स्थिति है उसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भाजपा ने वादा न तोड़ा होता तो ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमित शाह ने फोन नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जरूर फोन किया था, लेकिन हमारी बातचीत नहीं हुई। दिल्ली से हमारे पास कोई प्रस्ताव नहीं आया। भाजपा ने हमारे साथ किया वादा नहीं निभाया, इसलिए ऐसी स्थिति पैदा हुई। हम अलग आघाड़ी के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। भाजपा अपने वादे पर टिकी नहीं रह सकी, इसी कारण यह दिन देखने पड़ रहे हैं।

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