सहरसा। कोसी नदी के जलस्तर में निरंतर हो रहे उतार-चढ़ाव से प्रखण्ड के कुन्दह मध्य विद्यालय को कोसी नदी के कटाव से बचाने के लिए विभाग द्वारा किया गया बोरा क्रेटिग नदी में बहने लगा है। बोरा क्रेटिग बहने से एक बार फिर स्कूल के भवन, बरामदा एवं मैदान के कोशी में समाने का खतरा मंडराने लगा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में भी हो रहे कटाव के संबंध में स्थानीय लोगों एवं अखबारों के माध्यम से कुंदह में कटाव की स्थित से अवगत होने के बाद विभागीय अभियंताओं की टीम ने गांव का मुआयना किया। उसके बाद कुंदह स्कूल पर मंडरा रहे खतरे को देखते उसके बचाव के लिए बोरा क्रेटिग का कार्य कराया गया। लेकिन क्रेटिग की सुरक्षा के लिए बांस पाइलिग नहीं कराया गया। रविवार से लगातार हुए बारिश और नदी के पानी में उतार-चढ़ाव से विद्यालय भवन बचाव के लिए फल्ड फाइटिग योजना से लगाया गया क्रेटिग लगभग नदी में समा गया। बोरा क्रेटिग में खर्च राशि का लाभ होता नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर में मिट्टी भरा बोरा रखा हुआ है, यदि शीघ्र इन बोरों को पानी के किनारे डालकर पानी के बहाव पर काबू नहीं किया गया तो स्कूल बचना मुश्कित है। स्थानीय निवासी कोसी संघर्ष मोर्चा के सचिव अनवार आलम, हरदेव मुखिया, दीपक कुमार का कहना है कि कोसी नदी का प्रकोप विगत चार पांच वर्षो से इस गांव पर है। यदि शीघ्र इस पर काबू नहीं पाया गया तो विद्यालय सहित कई परिवारों को विस्थापन का दंश सहना पड़ेगा।