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झारखंड बनेगा टेक्सटाइल्स हब: स्मृति ईरानी


स्मृति ईरानी ने कहा कि झारखंड में 70 टेक्सटाइल्स उद्योग जल्द खुलेंगे।
जमशेदपुर। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि झारखंड में 70 टेक्सटाइल्स उद्योग जल्द खुलेंगे। अगली बार मैं जब भी झारखंड आऊंगी तो इन 70 उद्योगों का शिलान्यास करूंगी। स्मृति शनिवार को जमशेदपुर के गोपाल मैदान में मोमेंटम झारखंड के दूसरे चरण में आयोजित शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रही थीं।
झारखंड बनेगा टेक्सटाइल्स हब: स्मृति ईरानीउन्होंने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बनाई गई झारखंड की नीतियों की सराहना करते हुए इसका श्रेय मुख्यमंत्री रघुवर दास को दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं उस शहर में हूं, जहां एक हिंदुस्तानी ने स्टील फैक्ट्री लगाने की ठानी तो इसकी शुरुआत जमशेदपुर से की। लेकिन, प्रदेश में बीच में सुस्ती आई। 20 साल पहले अगर निवेशक को झारखंड में निवेश का न्योता दिया जाता तो वो मुस्करा कर टाल देता। लेकिन, आज इस समारोह में 74 कंपनियों का शिलान्यास हो रहा है। साफ है कि प्रदेश में विकास ने गति पकड़ ली है।
उन्होंने उद्योग को किसानों और श्रम सुधार से जोड़ने के लिए सीएम रघुवर दास को साधुवाद दिया। कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में झारखंड कम वक्त में समृद्ध हुआ। मंत्री ने इस औद्योगिक प्रगति का श्रेय जनता को दिया। कहा कि सरकार को जनता का सहयोग मिला इसलिए वह सफल हुई। इसलिए यह मोमेंटम झारखंड जनता का है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 तक न्यू इंडिया बनाने जा रहे हैं। यकीन है कि इस नए भारत में झारखंड का महती योगदान होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रदेश में उद्योग और कृषि का विकास साथ-साथ कर रहे हैं।
कंपनी नहीं खुलती को बेरोजगार रहते 900 लोग
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रांची में शनिवार की सुबह एक टेक्सटाइल उद्योग के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भाव-विभोर हो गए। बोले कि अगर ये उद्योग नहीं खुलता तो यहां जिन 900 लोगों को रोजगार मिला वो बेरोजगार रहते। इन्हें रोजगार के लिए दर-दर की ठोकर खाने बाहर जाना पड़ता।
चार महीने में धरातल पर उतरी टेक्सटाइल कंपनी
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि रांची में उद्घाटित टेक्सटाइल कंपनी चार महीने में खुल गई। इससे साफ है कि झारखंड में उद्योग लगाना कितना आसान है। ईज आफ डुइंग बिजनेस काम कर रहा है। ये संकेत है कि अगर राज्य ठान ले तो कोई भी उद्योग शुरू होने में चार महीने लगेंगे।
देसी गार्मेट का होगा निर्यात
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि झारखंड के शहरी और ग्रामीण इलाकों में महिलाओं द्वारा सिलाई-कढ़ाई कर बनाए जा रहे कपड़ों का निर्यात विदेशों में किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार इन कुटीर उद्योगों को अपग्रेड करेगी। विदेश का एक खरीदार इसके लिए तैयार हो गया है।