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उत्कल एक्सप्रेस के बाद हादसे का शिकार हो सकती थी ये ट्रेन

मुजफ्फरनगर के खतौली में उत्कल एक्सप्रेस हादसे के 24 घंटे नहीं बीते थे कि कानपुर-झांसी रेलवे ट्रैक पर एक और ट्रेन हादसा होते-होते बच गया। ट्रैक से गुजर रही प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस टूटी पटरी से गुजरने के बाद लहराई तभी चालक ने ब्रेक लगा दिए और तुरंद कंट्रोल रूम को इस बारे में सूचना दी गई। 
Bhopal-Pratapgarh Expressकंट्रोल रूम को सूचना दिए जाने के बाद ट्रैक चेक किया गया तो पटरी में करीब डेढ़ इंच का फासला निकला। पटरी दुरुस्त की गई तब सवा घंटे बाद ट्रेन आगे बढ़ी। 
12184 प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस कानपुर से झांसी की तरफ जा रही थी। रात करीब एक बजकर 24 मिनट पर लालपुर स्टेशन पार करने के बाद ट्रेन मलासा-पुखरायां के बीच थी कि खंभा नंबर 1296/20-22 के पास जोर का झटका लगा। झटका और ट्रेन लहराने से सो रहे मुसाफिर डर कर उठ बैठे, हादसे का ख्याल आते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। टूटी पटरी से लगभग पूरी ट्रेन गुजर चुकी थी, सिर्फ तीन डिब्बे पीछे रह गए थे लेकिन चालक ने होशियारी दिखाते हुए ट्रेन वहीं रोक दी। 

इसके बाद मलासा स्टेशन मास्टर और कंट्रोल को सूचित किया। पटरी टूटने की जानकारी मिलने के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया। पीडब्लूआई ईश्वर दास और पवन कुमार आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। उन्होंने टूटी पटरियों के बीच क्लैंप बांधा। उसका परीक्षण किया तब दो बजकर 39 मिनट पर गाड़ी आगे बढ़ सकी। यह ट्रेन के गुजरने के बाद भी बाकी ट्रेनों को कॉशन से गुजारा गया। दो बजकर 51 मिनट पर पुखरायां पहुंचने के बाद फिर ट्रेन को रोका गया हालांकि पुखरायां में ट्रेन का स्टापेज नहीं है।
बताया गया कि पटना-इंदौर को पास करने के लिए उसे रोका गया। रविवार को सुबह होते ही ट्रैक पथ निरीक्षक ने टीम के साथ ट्रैक जांचा। रेलवे कर्मियों ने बताया कि पटरियों का ज्वाइंट खुल गया था। इन सबकी जांच के लिए रेलवे अधिकारियों ने तीन टीमें बनायी हैं जो इनकी बारीकी से जांच करेंगी।