Breaking News

शानदार..भोजपुरी सुपरस्टार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए लगवाया राहत कैंप


Image result for khesari lal yadav organised camp in floodभोजपुरी सिनेमा के सुपर स्‍टार खेसारीलाल यादव ने प. चंपारण के नरकटियागंज में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत कैंप लगाया है, जहां हर रोज 800 से ज्‍यादा लोगों के लिए राशन, कपड़ा, दवाई के अलावा अन्‍य जरूरी सामान लोगों के बीच वितरित किया जा रहा है। बता दें कि खेसारीलाल यादव ने चार दिन पहले ही लेखक, निर्देशक, संगीतकार रजनीश मिश्रा, खलनायक अवधेश मिश्रा और निर्माता अनंनजय रघुराज से मिलकर बाढ़ राहत कैंप लगाया हैं, जहां दिन - रात लोगों की सेवा की जा रही है। यह कैंप अगले सात दिनों तक चलता रहेगा और बाढ़ पीडि़तों की मदद करता रहेगा। हालांकि अब तक भोजपुरी सिनेमा इंडस्‍ट्री से बिहार के बाढ़ पीडि़तों के लिए मदद की बात कई लोगों की ओर से आई है, मगर खेसारीलाल ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए बाढ़ राहत कैंप स्‍थापित किया है। खेसारीलाल का मानना है कि अन्नदान से बड़ा कोई दान नहीं, इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं और संकट की स्थिति में जरूरतमंदों की सेवा से बड़ा कोई सेवा नहीं। खेसारीलाल ने पहले भी अपनी संवेदना जाहिर करते हुए पिछले दिनों अपना रिलीज को तैयार फिल्‍म 'जिला चंपारण' का रिलीज डेट को आगे बढ़ाने की अपील की थी। तब उन्‍होंने कहा था कि यह सही मौका नहीं होगा, जब हम फिल्‍म को रिलीज करें। इस वक्‍त बिहार के एक बड़े हिस्‍से में हमें चाहने वाले बाढ़ की विभीषिका से लड़ रहे हैं। ऐसे में हमें भी उनकी मदद मे आगे आना चाहिए और विपदा की इस घड़ी में उनका मोरल सपोर्ट करना चाहिए। बता दें कि जल्‍द ही खेसारीलाल यादव, रजनीश मिश्रा, अवधेश मिश्रा 'मैं सेहरा बांध के आउंगा' रिलीज होने वाली है।
Image result for khesari lal yadav organised camp in flood

शो के पैसे से भंडारा...
- भंडारा के बारे में खेसारी लाल यादव ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए जितना भी करें, वह कम होगा।
- कुछ दिन पहले डुमरिया में शो करने गया था। एक गाना गाकर स्टेज से उतर गया। मेरा मन नहीं किया कि दूसरा गाना गाऊं। बाढ़ पीड़ितों को देख बहुत दुख हुआ।
- मैंने आयोजकों से कहा कि इस पैसे से जीतना दिन हो सकता है। बाढ़ पीड़ितों को खाना खिलाएं। आज मैं जो भी हूं। उनलोगों के आशीर्वाद से हूं।

17 जिला बाढ़ से प्रभावित
- बिहार के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित है। सैकड़ों लोगों की अबतक मौत हो चुकी है।
- बाढ़ से प्रभावित जिलों में लोगों के बचाव के लिए एनडीआरएफ और सेना के जवान लगाए गए है।
- जो राहत शिविर में हैं उन लोगों को तो खाना जैसे तैसे मिल जा रहा है, लेकिन जो गांवों में फंसे है उनके लिए समस्या बनी है।
- सबसे अधिक परेशानी भूख से परेशान छोटे बच्चों को हो रही है।