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मलेशिया में फंसे 15 भारतीय, नरकीय जिंदगी जीने को हैं मजबूर

कबूतरबाजी के मामले में मलेशिया में 15 लोग फंसे हैं, जिनमें एक राजस्थान और 14 लोग उत्तरप्रदेश के बताए जा रहे हैं. इन सभी लोगों ने वतन वापसी के लिए ईटीवी से गुहार लगाई.
पीड़ित लोगों ने सामजिक शोध एवं अन्वेषण संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र सोनी से सम्पर्क करते हुए ईटीवी से मदद की गुहार लगाई है. सोनी ने पूरा वाकया ईटीवी को बताया है.
मलेशिया में फंसे 15 भारतीय, नरकीय जिंदगी जीने को हैं मजबूर
पीड़ितों के मुताबिक, वे भारत से 9 एजेंटों के जरिए मलेशिया पहुंचे थे और उनसे करीब पौने दो लाख रुपए प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से एजेंटों मे वसूले थे. इसके बाद बीजा और पासपोर्ट देकर एक कम्पनी में काम दिलाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन वहां जाने के बाद दो एजेन्टों ने उनके पासपोर्ट ले लिए और कोई काम नहीं दिलाया.
अब 15 लोगों को एक कमरे में बंदी बनाकर रखा गया है, जहां ये लोग नरकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं. एक कमरे में 15 लोग रह रहे हैं और खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है. परेशान लोगों ने अपने हालातों के कुछ वीडियो, फोटो और ऑडियो ईटीवी को भेजे हैं.
वीजा और पासपोर्ट वापस देने के लिए वहां का एजेन्ट उनसे 4000 रिगट मांग रहा है, यानि कि 60 हजार रुपए. ऐसे में ये लोग भारत आने में असमर्थ हैं और नरकीय जीवन जी रहे हैं. उनके साथ कुछ भी गगलत हो सकता है. ये लोग भारतीय एम्बेसी से भी सम्पर्क करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास पैसा नहीं है.